एकात्म मानववाद और अंत्योदय के प्रणेता पंडित दीनदयालउपाध्याय (मनोजरत्न)

जयंती विशेष 25 सितंबर 2021 एकात्म मानववाद और अंत्योदय के प्रणेता पंडित दीनदयालउपाध्याय (मनोजरत्न)   एकात्म मानववाद और अंत्योदय के जिस दर्शन को बीजेपी अपनाए हुए है, उसके प्रणेता पंडित दीन दयाल उपाध्याय की आज जयंती है। जब आर एस एस प्रचारक उपाध्याय को श्यामा प्रसाद मुखर्जी भारतीय जनसंघ से […]

अखिल भारतीय शोध पत्र लेखन प्रतियोगिता देश भर के शिक्षको के लिए सुअवसर- प्रो जे.पी. सिंघल

अखिल भारतीय शोध पत्र लेखन प्रतियोगिता देश भर के शिक्षको के लिए सुअवसर- प्रो जे.पी. सिंघल THE NEWS WARRIOR 30 अप्रैल   अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ से सम्बद्ध राज्यों के विद्यालय संगठनों की ऑनलाइन बैठक दिनांक 29 अप्रेल 2021 को अखिल भारतीय अध्यक्ष प्रो. जे.पी.सिंघल की अध्यक्षता में आयोजित […]

सराज का दुलारा प्रदेश का प्यारा जयराम हमारा – अंकुश कौशल

सराज का दुलारा प्रदेश का प्यारा जयराम हमारा  निकला एक छोटे से गांव से मिस्त्री का वो बेटा था कोई न जाने इस राज्य का आने वाला वो नेता था मंडी कॉलेज में जाकर छात्र राजनीति में आया था न जाने कौन वो जोहरी था जिसने ये हीरा आगे लाया […]

दान इतना गुप्त हो कि देते समय आपके दूसरे हाथ को भी पता न चले

 दान इतना गुप्त हो कि देते समय आपके दूसरे हाथ को भी पता न चले   THE NEWS WARRIOR  SHIMLA  – 10 /02 /2021   एक सेठ ने अन्नसत्र खोल रखा था। उनमें दान की भावना तो कम थी पर समाज उन्हें दानवीर समझकर उनकी प्रशंसा करे यह भावना मुख्य […]

ओ रे सखी ले सुन मेरे दिल की

-यज्ञ दत्त शास्त्री चम्बा ओ रे सखी ले सुन मेरे दिल की  तुम शिमला शहर की क्वीन प्रिये, मैं चुराह का मदमस्त फकीर प्रिये ! तुम सुनती अग्रेजी साँग प्रिये, मैं  मन्त्रोचरण मे लीन प्रिये ! तुमको भाए पीजा चौमिन, मैं चम्बा के मधरे का फैन प्रिये ! तुमको भाए […]

अप्रकाशित मौलिक अभिव्यक्ति ।

कविता अप्रकाशित मौलिक अभिव्यक्ति । मैं अभी जीता कहाँ ,मैं हूँ 21सवीं का सपूत , कभी-कभी दिवास्वप्न में लगता यमदूत , मैंने सीख लिया है ऐवरेस्ट पर चढ़ना , मैं मापने उत्सुक ब्रह्मांड की दूरी , मैंने जाँच ली है महासागरों की गहराई, मैंने खोज ली है महाभारत कालीन संजय […]

मैं कुछ लिखना चाहती हूं

मैं कुछ लिखना चाहती हूं, मैं कुछ लिखना चाहती हूं ! शब्दों से दुनिया की सोच बदलना चाहती हूं ! जो दिल में हो वही जुबां पर लाना चाहती हूं ! क्या रिश्तो की डोर में बंध ना जरूरी है ! मैं बेनाम रिश्तो के संग जीना चाहती हूं ! […]

आत्मबल

फलसफा जीवन का हर कोई, दूसरों को सिखाता है I पर जिन्दगी के सच का तजुर्बा, अपने ही अनुभव से आता है I नन्ही चिड़िया अन्तःशक्ति से, पंखों पर अपना भार उठाती है I तिनका तिनका चुनने वाली, क्षितिज पार कर जाती है I छोटी चींटी अद्भुत अनुशासन, का हुनर […]

बेटी, बहू, पत्नी और माँ क्या है मेरी पहचान ! कहानी मेरे अस्तित्व की !

एक लड़की के लिए शादी उसके जीवन का वो पडाव होता है जिसके बाद उसकी जिन्दगी पूरी तरह बदल जाती है | कहाँ मायके में उसका राज होता है मनमर्जी का खाना पहनना, मन किया तो कुछ कर दिया वरना किसी काम को हाथ न लगाना | पापा की तो […]


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